आईटीआर सही होने पर रिफंड 48 घंटे में मिलेगा
नई दिल्ली,
अगर करदाता ने आयकर रिटर्न (आईटीआर) में सही जानकारी दी है और सभी दस्तावेज ठीक हैं, तो उसे रिफंड अब पहले के मुकाबले काफी तेजी से मिलेगा। इसके लिए आयकर विभाग ने रिटर्न प्रोसेसिंग और रिफंड जारी करने की प्रक्रिया को और तेज कर दिया है। बिना जांच वाले मामलों में आयकर रिफंड 24 से 48 घंटे के अंदर करदाता के खाते में पहुंच जाएगा।
हालांकि, यह सुविधा केवल सीधे और कम जोखिम वाले मामलों में ही मिल रही है। आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 50 हजार रुपये तक के रिफंड वाले मामलों में यदि सिस्टम को रिटर्न में दी गई जानकारी सही लगती है, तो रिफंड की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाती है। वहीं, 50 हजार रुपये से अधिक के रिफंड वाले मामलों में पहले दस्तावेजों और दावों का मिलान किया जाता है। ऐसे मामलों में रिफंड आने में आमतौर पर दो से तीन सप्ताह लग सकते हैं।
अधिकारियों के अनुसार, जिन मामलों में रिफंड को लेकर कई चीजों को सत्यापित किया जाना जरूरी होता है, उसमें अलग से जांच की जा रही है। खासकर उन मामलों में, जहां आयकर बचाने के लिए एनजीओ को दान से लेकर राजनीतिक दलों को चंदा दिए जाने की रसीद लगाई जाती है, उन सभी मामलों में गहन जांच की
एचआरए सत्यापन के लिए नया कॉलम
विभाग ने इस बार आईटीआर फॉर्म में नया कॉलम भी जोड़ा है। नौकरीपेशा लोगों को अब स्थायी पते के साथ वर्तमान निवास का पता देना भी जरूरी होगा। यह नया नियम उन सभी कर्मचारियों के लिए है, जो पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत एचआरए का लाभ ले रहे हैं। विभाग ने यह बदलाव एचआरए से जुड़े मामलों की जांच और सत्यापन करने के लिए किया है।
जाती है।
दस्तावेजों का मिलान जरूरी :
विभाग के अनुसार, यदि करदाता ने आय, टीडीएस, बैंक ब्याज, पूंजीगत लाभ या कटौतियों से जुड़ी जानकारी गलत दी है या दान, एचआरए और अन्य कर छूट के दावे संदिग्ध लगते हैं, तो रिटर्न को जांच के लिए रोका जा सकता है। इसलिए सलाह दी जाती है कि रिटर्न भरने से पहले फॉर्म-16, फॉर्म-26एएस, एआईएस और करदाता सूचना सारांश (टीआईएस) का मिलान जरूर कर लें।
