समायोजन आदेश दिनांक 06/07/2026 , विस्तृत देखें 👇
सरकार द्वारा बताया गया कि डेटा तैयार है और चिन्हित कर लिया गया है कि कहाँ शिक्षकों की कमी है और कहाँ शिक्षक सरप्लस हैं ?
न्यायालय ने कहा कि आप डेटा को ठीक से लाइए क्योंकि RTE के अनुसार छात्र-शिक्षक संख्या के आधार पर देखना होगा कि कहाँ कमी है और किसको सरप्लस किया गया है , ऐसे लिस्ट पकड़ने से कोर्ट ने मानने से मना कर दिया है ।
न्यायालय के निर्देशानुसार राज्य सरकार को तीन लिस्ट बनानी होंगी
List I - ऐसे विद्यालय जहाँ कोई शिक्षक सरप्लस नहीं है ।
List II - ऐसे विद्यालय जहाँ शिक्षक सरप्लस बताए जा रहे हैं ।
List III - 16986 ऐसे विद्यालय जहाँ शिक्षकों की कमी है
List III को दो भागों में बांटने को कहा है - एक भाग में ऐसे विद्यालय जहाँ दो शिक्षक नहीं है और दूसरे भाग में जहाँ शिक्षकों की कमी है ।
* जिला
* ब्लॉक
* विद्यालय का नाम
* RTE के अनुसार स्वीकृत शिक्षक संख्या
* वर्तमान में कार्यरत सभी शिक्षकों के नाम
* प्रत्येक शिक्षक की उस विद्यालय में जॉइनिंग तिथि (सीनियरिटी निर्धारित करने हेतु)
* उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विषय (Subject) का विवरण
* 30 अप्रैल 2026 तक विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या
* RTE के PTR के अनुसार आवश्यक शिक्षकों की संख्या
* यदि कोई सरप्लस शिक्षक है तो उसका नाम एवं विषय श्रेणी।
इससे कोई भी शिक्षक यह देख सकेगा कि उसे किस आधार पर सरप्लस घोषित किया गया है।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि—
पहले सरकार सरप्लस शिक्षकों की सूची प्रकाशित करेगी।
उसके बाद शिक्षक यह आपत्ति दाखिल कर सकेंगे कि उन्हें गलत तरीके से सरप्लस घोषित किया गया है।
अन्य त्रुटियों (List-I या List-II से संबंधित) पर भी objections दी जा सकती हैं।
objections दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 जुलाई 2026 निर्धारित की गई।
13 जुलाई 2026 तक सचिव , बेसिक शिक्षा बोर्ड , प्रयागराज को Affidavit के साथ List-III प्रस्तुत करनी है, 20 जुलाई 2026 को अगली सुनवाई होगी ।
कोर्ट ने अंत में कहा कि पहले दिया गया Interim Order अगली सुनवाई तक जारी रहेगा।
Note :- हेड शिक्षकों के समायोजन को लेकर हमारी IA 12/2026 दाखिल है और कोर्ट अभी समस्त objections को सुनने के mood में है तो ऐसे शिक्षक जहाँ की छात्र संख्या अब बढ़ चुकी है वे अपनी बात अवश्य रखें इसके अलावा विषयवार शिक्षक भी अपनी स्थिति के हिसाब से objections अवश्य दें ।
#rana
विशेष अपील संख्या-398/2026
दिनांक: 06 जुलाई 2026
उच्च न्यायालय, इलाहाबाद
पीठ: माननीय न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह एवं माननीय न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी
न्यायालय के प्रमुख निर्देश
राज्य सरकार ने न्यायालय को अवगत कराया कि प्रदेश के सभी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रत्येक विद्यालय में कम से कम दो शिक्षक उपलब्ध कराने हेतु अधिशेष (Surplus) शिक्षकों की पहचान का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
जिला, विकासखण्ड एवं विद्यालयवार विद्यार्थियों और शिक्षकों का विवरण तथा शिक्षकों की कार्यग्रहण तिथि (Senioriy निर्धारित करने हेतु) तैयार कर ली गई है, किन्तु यह अभिलेख न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है।
न्यायालय ने कहा कि किसी शिक्षक को अधिशेष घोषित करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि वह शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात (Teacher-Pupil Ratio), जैसा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 में निर्धारित है, उसके अनुसार वास्तव में अधिशेष है।
राज्य सरकार को समस्त आँकड़ों को तीन भागों में विभाजित करने का निर्देश दिया गया—
(i) ऐसे विद्यालय जहाँ कोई अधिशेष शिक्षक नहीं है।
(ii) ऐसे विद्यालय जहाँ अधिशेष शिक्षक उपलब्ध हैं और उनका पुनर्नियोजन (Redeployment) किया जाना है।
(iii) ऐसे 16,986 विद्यालय, जहाँ शिक्षकों की कमी है तथा अधिशेष शिक्षकों की तैनाती की जानी है।
न्यायालय ने निर्देश दिया कि एक लाख से अधिक विद्यालयों के विशाल आँकड़ों को https://intradistricttransfer.upsdc.gov.in/ पर प्रकाशित किया जाए। प्रकाशित सूची में निम्न विवरण अनिवार्य रूप से हों—
जनपद का नाम
विकासखण्ड का नाम
विद्यालय का नाम
आरटीई के अनुसार स्वीकृत शिक्षक संख्या
वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों के नाम
प्रत्येक शिक्षक की कार्यग्रहण तिथि
यदि लागू हो तो विषय
30 अप्रैल 2026 तक विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या
आरटीई के अनुसार आवश्यक शिक्षकों की संख्या
अधिशेष घोषित शिक्षक का नाम एवं विषय श्रेणी।
जिन विद्यालयों में कोई अधिशेष शिक्षक नहीं है, उनकी पृथक List-II भी इन्हीं विवरणों सहित प्रकाशित की जाएगी। उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए शिक्षकों का विषय (Subject) भी अनिवार्य रूप से दर्शाया जाएगा।
अधिशेष शिक्षकों की List-III भी प्रकाशित की जाएगी, जिसमें दो भाग होंगे—
प्रत्येक विद्यालय में न्यूनतम दो शिक्षक उपलब्ध कराने हेतु पुनर्नियोजन।
अन्य रिक्तियों की पूर्ति हेतु पुनर्नियोजन।
इस संबंध में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के सचिव को 13 जुलाई 2026 तक शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया।
अधिशेष घोषित किए गए शिक्षकों अथवा List-I एवं List-II के संबंध में आपत्तियाँ 17 जुलाई 2026 तक दाखिल की जा सकती हैं।
अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 को होगी तथा पूर्व में पारित अंतरिम आदेश अगली तिथि तक प्रभावी रहेगा।



