21 हजार स्कूलों में चलेगा 'स्कूल बैंक चैंप्स' अभियान: बच्चों को साइबर फ्रॉड और बैंकिंग धोखाधड़ी से बचाने के लिए लगेगी विशेष क्लास
आज के डिजिटल दौर में बच्चे तेजी से ऑनलाइन बैंकिंग, UPI और इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें साइबर फ्रॉड और बैंकिंग धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने के लिए उत्तर प्रदेश में एक बड़ी पहल शुरू की जा रही है। अब प्रदेश के करीब 21 हजार स्कूलों में विद्यार्थियों को बैंकिंग सुरक्षा और डिजिटल फाइनेंशियल लिटरेसी की विशेष जानकारी दी जाएगी।
स्कूलों में शुरू होगा 'स्कूल बैंक चैंप्स' कार्यक्रम
भारतीय बैंक संघ (IBA) ने 'स्कूल बैंक चैंप्स प्रोग्राम' की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत देशभर में बैंकों की प्रत्येक शाखा एक-एक स्कूल को गोद लेगी और वहां समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी।
उत्तर प्रदेश में इस कार्यक्रम को तेजी से लागू किया जा रहा है। शुरुआती चरण में 160 स्कूलों को बैंकों द्वारा गोद लिया जा चुका है। आने वाले समय में प्रदेश की लगभग 21,000 बैंक शाखाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में स्कूलों को इस योजना से जोड़ा जाएगा।
बच्चों को क्या सिखाया जाएगा?
इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को निम्न विषयों पर जानकारी दी जाएगी—
साइबर फ्रॉड से बचने के आसान तरीके।
OTP, PIN, Password और UPI सुरक्षा के नियम।
ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट का सुरक्षित उपयोग।
फर्जी कॉल, मैसेज और लिंक की पहचान।
बैंक खाते और व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने के उपाय।
डिजिटल बैंकिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां।
क्यों जरूरी है यह पहल?
डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ-साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कई बार बच्चे अनजाने में फर्जी लिंक, गेमिंग ऐप या सोशल मीडिया के जरिए साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में स्कूल स्तर पर वित्तीय साक्षरता और साइबर सुरक्षा की जानकारी देना उन्हें भविष्य के लिए अधिक जागरूक और सुरक्षित बनाएगा।
विद्यार्थियों को मिलेगा बड़ा लाभ
इस पहल से बच्चों में कम उम्र से ही Financial Literacy और Safe Digital Banking की समझ विकसित होगी। साथ ही वे ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के तरीके सीखेंगे, जिससे सुरक्षित डिजिटल भारत के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।
