मुख्यमंत्री Cashless Medical Scheme के तहत Registration शुरू, शिक्षकों समेत 316 ने कराया पंजीकरण
नोएडा। जिले के चारों ब्लॉकों के शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। अब इलाज के खर्च की चिंता काफी हद तक कम होने जा रही है। मुख्यमंत्री Cashless Medical Facility Scheme के तहत पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जनपद में अब तक 316 कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने अपना Registration करा लिया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार इनमें से 210 से अधिक Applications का Verification भी पूरा किया जा चुका है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के 10 लाख से अधिक शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया, विशेष शिक्षक, KGBV Wardens तथा अन्य कर्मचारी और उनके आश्रित Cashless Treatment की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
5 लाख रुपये तक मिलेगा Cashless Treatment
BSA राहुल पंवार ने बताया कि इस योजना के तहत पात्र कर्मचारियों और उनके आश्रितों को 5 लाख रुपये तक का Cashless Medical Treatment उपलब्ध कराया जाएगा। इससे शिक्षक-शिक्षिकाओं, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और अन्य कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने बताया कि अब तक 316 शिक्षकों, शिक्षामित्रों और कर्मचारियों ने अपना तथा अपने आश्रितों का डेटा पोर्टल पर अपलोड किया है।
जिले में 511 परिषदीय विद्यालय संचालित
जनपद में वर्तमान समय में 511 परिषदीय विद्यालय और 3 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) संचालित हैं। विभाग द्वारा सभी पात्र कर्मचारियों को जल्द से जल्द Registration कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
ऐसे बनेगी Family ID
योजना के तहत शिक्षक और कर्मचारी पोर्टल पर अपनी तथा अपने आश्रितों की जानकारी अपलोड करेंगे। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और BSA के अनुमोदन के बाद Family ID तैयार की जाएगी।
Family ID बनने के बाद कर्मचारी अपने Registered Mobile Number से Login करके CM Cashless Medical Card डाउनलोड कर सकेंगे। विभाग ने योजना के तहत जारी होने वाले Medical Card का Sample भी जारी कर दिया है।
माता-पिता, पत्नी और बच्चे भी होंगे लाभार्थी
शिक्षामित्र राकेश ने बताया कि योजना में माता-पिता, पत्नी और बच्चों को भी शामिल किया गया है। इनके इलाज पर निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक Cashless Facility उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि कम मानदेय के कारण कई कर्मचारियों के लिए गंभीर बीमारी का इलाज कराना कठिन हो जाता था, लेकिन इस योजना के लागू होने से आर्थिक बोझ काफी कम होगा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।