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B.Ed छात्रों के लिए बड़ा बदलाव: इस बार बदलेगा शिक्षण अभ्यास का तरीका, DIOS की निगरानी में होगी प्रैक्टिस टीचिंग

 


 

B.Ed छात्रों के लिए बड़ा बदलाव: इस बार बदलेगा शिक्षण अभ्यास का तरीका, DIOS की निगरानी में होगी प्रैक्टिस टीचिंग








UP B.Ed 

 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने बीएड (B.Ed.) शिक्षण अभ्यास (Practice Teaching) को लेकर बड़ा बदलाव किया है। नए आदेश के अनुसार अब प्रैक्टिस टीचिंग (शिक्षण अभ्यास) का कार्य जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) की निगरानी में कराया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य शिक्षण अभ्यास की गुणवत्ता और पारदर्शिता को बेहतर बनाना बताया जा रहा है।

भौगोलिक संदर्भ

अब DIOS के अधीन होगा शिक्षण अभ्यास

नई व्यवस्था के तहत बीएड विद्यार्थियों के शिक्षण अभ्यास की जिम्मेदारी अब जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) के अधीन होगी। पहले यह कार्य मुख्य रूप से संबंधित बीएड कॉलेजों के माध्यम से कराया जाता था, लेकिन अब शिक्षा विभाग की भूमिका अधिक सक्रिय होगी।

हालांकि, पाठ योजना (Lesson Plan) के अवलोकन, मूल्यांकन और निरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर अभी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने बाकी हैं।

समाचार

कॉलेजों में नई व्यवस्था को लेकर चर्चा

कुछ बीएड महाविद्यालयों का मानना है कि यदि पूरी प्रक्रिया शिक्षा विभाग के अधीन होगी तो विभाग अपनी प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार शिक्षण अभ्यास कराएगा। वहीं, कई कॉलेज इस बदलाव को लेकर विस्तृत सरकारी गाइडलाइन का इंतजार कर रहे हैं।

जिले में पांच B.Ed कॉलेज

रिपोर्ट के अनुसार संबंधित जिले में 5 बीएड महाविद्यालय संचालित हैं, जिनमें 3 अनुदानित और 43 स्ववित्तपोषित महाविद्यालय बताए गए हैं। इनमें से कुछ महाविद्यालयों में ही वर्तमान में बीएड की कक्षाएं संचालित हो रही हैं और 500 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।


पहले भी हुआ था बड़ा बदलाव

करीब दो वर्ष पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्राथमिक विद्यालयों में बीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर रोक लग गई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने PGT भर्ती में B.Ed. की अनिवार्यता तय की, जिससे बीएड पाठ्यक्रम की उपयोगिता बनी रही और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी बीएड में प्रवेश ले रहे हैं।

छात्रों के लिए क्या होगा असर?

यदि नई व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू होती है, तो—

शिक्षण अभ्यास की निगरानी अधिक व्यवस्थित हो सकती है।

स्कूलों में प्रैक्टिस टीचिंग की गुणवत्ता बढ़ने की संभावना है।

मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता आ सकती है।

अंतिम व्यवस्था और प्रक्रिया सरकार की विस्तृत गाइडलाइन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

महत्वपूर्ण: यह जानकारी प्रकाशित समाचार रिपोर्ट पर आधारित है। शिक्षण अभ्यास की नई व्यवस्था से संबंधित अंतिम प्रक्रिया और नियम उत्तर प्रदेश सरकार/उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार ही लागू होंगे।





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