सरप्लस शिक्षकों की सूचना 26 जून तक उपलब्ध कराने के सम्बंध में...... आदेश हुआ जारी 👇
सरप्लस शिक्षकों की अंतिम सूची 26 जून तक भेजनी होगी, हाई कोर्ट के आदेश पर 20 तक आपत्तियों का निस्तारण व 10 दिन में सत्यापन पूरा करने के निर्देश
लखनऊ : इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों के पुनर्समायोजन की प्रक्रिया तेज कर दी है। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सरप्लस शिक्षकों की सूची का सत्यापन कराकर आपत्तियों का निस्तारण करें और अंतिम सूची 26 जून तक शासन को उपलब्ध कराएं। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक शिक्षकों के तबादलों पर रोक भी लगा रखी है।
बुधवार को अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। यह कार्रवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट में विचाराधीन सौरभ कुमार सिंह व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में 22 मई को दिए गए आदेश के आधार पर की जा रही है। निर्देशों के अनुसार जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि सरप्लस शिक्षकों की सूची 22 अप्रैल 2026 को हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है या नहीं। जहां त्रुटियां या कमियां पाई जाएंगी, उन्हें दूर किया जाएगा। साथ ही गलत या त्रुटिपूर्ण सूची तैयार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। यह पूरी प्रक्रिया 10 दिनों के भीतर पूरी करने को कहा गया है।
सत्यापन के बाद जिला स्तरीय समिति प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण करेगी। सभी आपत्तियों पर 20 जून तक निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। सरप्लस शिक्षकों की पहचान पूरे प्रदेश में एक समान तरीके से फर्स्ट इन-फर्स्ट आउट' सिद्धांत के आधार पर की जाएगी। यानी जिस शिक्षक की नियुक्ति पहले हुई है, उसे प्राथमिकता के आधार पर सरप्लस माना जाएगा। विषयवार मामलों में भी यही व्यवस्था लागू रहेगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि पुनर्समायोजन प्रक्रिया में किसी अन्य मानक का उपयोग नहीं किया जाएगा। जिला स्तरीय समिति प्रारंभिक सूची तैयार करेगी, जिसमें अंतरिम न्यायालयी आदेशों को शामिल नहीं किया जाएगा। हालांकि,
जहां किसी शिक्षक को अंतरिम राहत मिली है, वहां उसके स्थान पर क्रम में अगले शिक्षक का नाम प्रस्तावित किया जाएगा। शासन ने सभी जिलों से पुनर्समायोजन के लिए चिह्नित शिक्षकों की अंतिम सूची और सूचना 26 जून तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि आगे की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जा सके। इसके अलावा 30 अप्रैल 2026 की कटआफ तिथि के बाद के अन्य आंकड़े स्वीकार नहीं किए जाएंगे।


