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72825 शिक्षक भर्ती: Contempt याचिकाओं की Maintainability पर बड़ा सवाल, अंतरिम आदेशों से जुड़े सभी Contempt खारिज

 72825 शिक्षक भर्ती: Contempt याचिकाओं की Maintainability पर बड़ा सवाल, अंतरिम आदेशों से जुड़े सभी Contempt खारिज




72825 शिक्षक भर्ती: Contempt की Maintainability को लेकर महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु


72825 शिक्षक भर्ती से जुड़े Contempt मामलों में maintainability का मुद्दा सामने आया है। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड और सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के आधार पर मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

Contempt of Courts Act, 1971 की Section 20 के तहत contempt proceedings शुरू करने पर एक वर्ष की समय-सीमा का प्रावधान है। सुप्रीम कोर्ट ने Pallav Sheth v. Custodian में Section 20 की व्याख्या करते हुए कहा है कि contempt की कार्रवाई निर्धारित अवधि के भीतर initiate होनी चाहिए। 

Om Prakash Jaiswal v. D.K. Mittal में सुप्रीम कोर्ट ने contempt proceedings के initiation और केवल application/notice के बीच अंतर पर चर्चा की थी। बाद में Pallav Sheth में इस विषय पर व्यापक रूप से विचार किया गया। 

72825 मामले में 2015-16 के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए interim orders के आधार पर बड़ी संख्या में नियुक्तियां हुई थीं। बाद के 25 जुलाई 2017 के final judgment में कोर्ट ने 66,655 नियुक्तियों को परिस्थितियों को देखते हुए disturb नहीं किया और राज्य को शेष vacancies को कानून के अनुसार भरने की liberty दी।  

उसी 25 जुलाई 2017 के आदेश में इससे संबंधित contempt petitions भी dispose किए जाने का उल्लेख मिलता है।

आपके दिए बिंदुओं का सार

72825 प्रकरण में maintainability पर बहस का मूल प्रश्न यह है कि 2015-16 के interim orders के कथित उल्लंघन से जुड़े contempt और 2017 के final judgment के बाद के alleged non-compliance को किस कानूनी आधार पर अलग-अलग देखा जाए।


आपके नोट्स के अनुसार, कोर्ट में यह तर्क रखा गया कि final judgment में पहले के interim directions के संबंध में स्थिति स्पष्ट/मर्ज हो चुकी थी और final judgment के बाद relief को फिर से contempt proceeding के माध्यम से पुनः निर्धारित नहीं किया जा सकता। इसी संदर्भ में यह दलील भी सामने रखी गई कि contempt petition के माध्यम से मूल judgment का review या modification मांगना उचित नहीं है।


हालांकि, किस विशेष 72825 contempt petition में कौन-सा order पारित हुआ और उसमें paragraphs 19-20 का क्या प्रभाव माना गया, यह संबंधित contempt order को देखकर ही निश्चित रूप से कहा जा सकता है। इसलिए इसे सभी 72825 contempt मामलों पर एक समान अंतिम निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत करना उचित 

नहीं होगा।





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